बिहार सरकार ने इस योजना को महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए शुरू किया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक मदद देकर उनका खुद का व्यवसाय शुरू करवाना है।इस योजना के तहत सरकार प्रत्येक परिवार की महिला को रोजगार शुरू करने के लिए रु 10,000 की पहली किस्त देगी।इसके बाद बिजनेस शुरू करने के 6 माह बाद रु 2 लाख की दूसरी किस्त दी जाएगी। इस प्रकार रु 2,10,000 की सहायता महिलाओं को मिलेगी ।यह योजना सितंबर 2025 से लागू होगी और सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी।
इस योजना से :
महिलाएं अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर पाएंगी।
परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी
ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे ।
राज्य से बाहर पलायन की समस्या भी कम होगी।
योजना का संक्षिप्त विवरण
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना |
| शुरू करने वाली संस्था | बिहार सरकार |
| लॉन्च वर्ष | 2025 |
| लाभार्थी | बिहार की महिलाएं |
| आवेदन मोड | Online |
| आधिकारिक वेबसाइट | state.bihar.gov.in/rdd |
योजना का उद्देश्य (Objective)
इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक मदद देकर उनका खुद का व्यवसाय शुरू करवाना, हाट बाजार और शहरी बाजार का विकास, रोजगार में मदद, उत्पादों की बिक्री, स्वरोजगार शुरू करवाकर वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- आवेदक केवल बिहार की महिलाएं होनी चाहिए।
- आवेदक केवल बिहार का निवासी होना चाहिए।
- प्रत्येक परिवार से केवल एक महिला को लाभ दिया जाएगा ।
- लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो स्वरोजगार शुरू करने की इच्छा रखती हो।
- आवेदिका की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- एकल परिवार का प्रावधान-यदि कोई अविवाहित वयस्क महिला है और उसके माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो उसे एकल परिवार माना जाएगा।
- आयकर दाता नहीं होना चाहिए-आवेदिका अथवा उसके पति आयकर दाता नहीं होने चाहिए।
- सरकारी नौकरी से वंचित- आवेदिका अथवा उसके पति किसी भी सरकारी सेवा (नियमित या संविदा) में कार्यरत नहीं होने चाहिए।
- SHG(स्वयं सहायता समूह)से जुड़ाव- महिला का जीविका स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़ा होना अनिवार्य है। यदि महिला पहले से सदस्य नहीं है, तो उसे स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration) देकर सदस्यता लेनी होगी।
- बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाता पासबुक और बैंक विवरण
- मोबाइल नंबर और ईमेल ID
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- स्व-घोषणा पत्र (अनुलग्नक ll)
- पेशा प्रमाण पत्र
- मौजूदा रोजगार या स्वरोजगार से संबंधित दस्तावेज
- विहित प्रपत्र (अनुलग्नक l)
आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)
- आवेदन प्रक्रिया ग्रामीण और शहरी दोनों की अलग अलग है:-
- ग्रामीण प्रक्रिया
- ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं इस योजना के लिए ग्राम संगठन के माध्यम से आवेदन कर सकती है।
- आवेदिका को विहित प्रपत्र (अनुलग्नक l) में आवेदन करना होगा।
- यदि महिला SHG की सदस्य नहीं है तो उसे स्व-घोषणा पत्र (अनुलग्नक ll) भरकर समूह की सदस्यता लेनी होगी।
- ग्राम संगठन विशेष बैठक बुलाकर सभी आवेदनों की समीक्षा करेंगे और योग्य आवेदनों को अनुमोदन देगा।
- स्वीकृत आवेदन आगे प्रखंड इकाई को भेजा जाएगा ।
- इसके बाद पात्र महिलाओं के खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से राशि भेजी जाएगी।
- शहरी प्रक्रिया
- शहरी क्षेत्रों की महिलाओं की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल पर होगी।
- महिला आवेदिका को निर्धारित ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा।
- इस प्रक्रिया में नगर विकास एवं आवास विभाग सहयोग करेगा और आवेदन की जांच पूरी कराएगा।
- पात्र पाए जाने पर योजना की राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
योजना के लाभ और आर्थिक सहायता (Benefits of Scheme and financial help)
लाभार्थियों को आर्थिक सहायता-
- पहली किस्त – ₹10,000 की आर्थिक सहायता:
- आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में ₹10,000 सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजे जाएंगे। यह राशि उन्हें रोजगार शुरू करने के शुरुआती चरण में मदद के लिए दी जाएगी।
- दूसरी किस्त – ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता:रोजगार शुरू करने के 6 महीने बाद सरकार मूल्यांकन करेगी। मूल्यांकन में संतोषजनक प्रगति होने पर महिलाओं को ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- यह राशि बिजनेस को आगे बढ़ाने और स्केल अप करने में मदद करेगी।
- आत्मनिर्भर बनना।
- गांव और शहरों में हाट बाजार का विकास–महिलाओं के उत्पादों को बेचने के लिए सरकार गांव से लेकर शहर तक हाट बाजार और शहरी बाजार का विकास करेगी।इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री में आसानी होगी। योजना का लक्ष्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्थायी बाजार से जोड़ना भी है। इसके लिए सरकार गांवों से लेकर शहरों तक विशेष हाट-बाजार विकसित करेगी। इन हाट-बाजारों में महिलाएँ अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों को बेच पाएंगी।
रोजगार विकल्प
- इस योजना के तहत महिलाएं अपनी रुचि के अनुसार नीचे लिखे व्यवसाय चुन सकती है –
- खुदरा दुकानें (Retail business)
- फल, जूस, सब्जी और डायरी प्रोडक्ट की दुकान
- किराना दुकान
- बर्तन एवं प्लास्टिक सामग्री की दुकान
- खिलौना और जनरल स्टोर
- स्टेशनरी और फोटोकॉपी सेंटर
- खाद्य सामग्री की दुकान
- कपड़ा, सिलाई और फुटवियर की दुकान
- बिजली उपकरण की दुकान
- कॉस्मेटिक, ज्वैलरी की दुकान
- सर्विस सेक्टर (Service Sector)
ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग वर्कशॉप
मोबाइल बिक्री, रिपेयर और रिचार्ज सेंटर
ई रिक्शा या ऑटो चलाना - कृषि एवं पशुपालन (Agriculture and Animal Husbandry)
कृषि कार्य से जुड़े व्यवसाय
बकरी पालन
मुर्गी पालन
गौ पालन
महत्वपूर्ण लिंक (Quick Links)
| लिंक विवरण | लिंक |
| आधिकारिक वेबसाइट | Click Here |
| ऑनलाइन आवेदन करें | Click Here |
FAQ’s – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ❓
Q1. बिहार महिला रोजगार योजना का लाभ किसे मिलेगा?
Ans – बिहार निवासी महिलाओं को
Q2. बुकिंग कैसे करें?
Ans – Official Website https://state.bihar.gov.in से
Q3. योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans – इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक मदद देकर उनका खुद का व्यवसाय शुरू करवाना, हाट बाजार और शहरी बाजार का विकास, रोजगार में मदद, उत्पादों की बिक्री, स्वरोजगार शुरू करवाकर वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 न केवल महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में मदद करती है, बल्कि उन्हें बाजार से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत बनाती है। इससे न केवल परिवार की आय बढ़ेगी बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
